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पटना में टखने की मोच और ACL लिगामेंट फिजियोथेरेपी

पैर मुड़ने, सूजन, घुटने के लचकने या ACL ऑपरेशन के बाद मज़बूती और संतुलन वापस पाने का चरणबद्ध इलाज।

ऊबड़-खाबड़ सड़क पर पैर मुड़ने या क्रिकेट, फुटबॉल और बैडमिंटन खेलते समय अचानक घुटना घूमने से लिगामेंट में खिंचाव या दरार आ जाती है। कई लोग सूजन कम होते ही इलाज छोड़ देते हैं, जिससे टखना बार-बार मुड़ता रहता है या सीढ़ियों पर घुटना लचकने लगता है।

चाहे बिना ऑपरेशन वाली मोच हो या ACL / मेनिस्कस सर्जरी के बाद की रिकवरी, MuvAgain में सूजन नियंत्रण, काइनेसियो टेपिंग, ताक़त और बैलेंस ट्रेनिंग से जोड़ को दोबारा स्थिर बनाया जाता है।

टखने की मोच और लिगामेंट चोट, MuvAgain फिजियोथेरेपी पटना
MuvAgain फिजियोथेरेपी, पटना में असली इलाज का सेशन

आम लक्षण

  • पैर या घुटना मुड़ने के बाद सूजन, नील और दर्द
  • चलते समय टखना बार-बार मुड़ना या घुटना लचकना
  • सीढ़ियाँ उतरने या तेज़ मुड़ने में दर्द
  • क्रेप बैंडेज या प्लास्टर हटने के बाद अकड़न
  • एक पैर पर संतुलन बनाने में कमज़ोरी

आम कारण

  • गड्ढे या सीढ़ी पर टखने के लिगामेंट की मोच
  • घुटने की ACL या MCL लिगामेंट चोट
  • मेनिस्कस कार्टिलेज में चोट
  • पुरानी मोच के बाद बिना रिहैब दोबारा खेल शुरू करना
  • पिंडली, जांघ और कूल्हे की मांसपेशियों की कमज़ोरी

हम इलाज कैसे करते हैं

  1. 1.लिगामेंट स्थिरता, सूजन और चाल की जाँच
  2. 2.इलेक्ट्रोथेरेपी और काइनेसियो टेपिंग से दर्द व सूजन कम करना
  3. 3.जकड़न खुलने पर मैनुअल मोबिलाइज़ेशन और IASTM
  4. 4.पिंडली, जांघ और कूल्हे की चरणबद्ध मज़बूती
  5. 5.सिंगल-लेग बैलेंस और खेल में सुरक्षित वापसी के अभ्यास

इलाज डॉ. अंजलि गुप्ता (PT), महिला फिजियोथेरेपिस्ट (BPT (BU Rajasthan)), ख़ुद करती हैं। वे ड्राई नीडलिंग, कपिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग में प्रमाणित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सिर्फ़ एंकल बाइंडर या नी-कैप पहनना काफ़ी है?

शुरुआती दिनों में सपोर्ट मदद करता है, लेकिन उससे कमज़ोर मांसपेशियाँ और बैलेंस रिफ़्लेक्स ठीक नहीं होते। दोबारा मोच से बचने के लिए व्यायाम ज़रूरी है।

क्या ACL ऑपरेशन के बाद का रिहैब यहाँ होता है?

हाँ। हम आपके सर्जन के प्रोटोकॉल के अनुसार हफ़्ते-दर-हफ़्ते घुटना मोड़ने, वज़न डालने और ताक़त बढ़ाने का रिहैब कराते हैं।

मोच आने के कितने दिन बाद फिजियोथेरेपी शुरू करें?

अगर हड्डी का फ्रैक्चर नहीं है, तो शुरुआती कुछ दिनों में ही सूजन नियंत्रण और हल्की सुरक्षित हलचल शुरू करने से रिकवरी तेज़ होती है।

डॉ. अंजलि गुप्ता से जाँच करवाएँ

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