गठिया के कारण सुबह उठते समय जोड़ों में अकड़न, ठंड के मौसम में टीस और देर तक बैठने या खड़े रहने पर दर्द बढ़ जाता है। उम्र के साथ होने वाला ऑस्टियोआर्थराइटिस और सूजन वाला रूमेटॉइड आर्थराइटिस अलग-अलग तरह से असर करते हैं, इसलिए व्यायाम की गति भी उसी हिसाब से तय होनी चाहिए।
आशियाना-दीघा रोड पर MuvAgain में डॉ. अंजलि गुप्ता (PT) हल्की दर्द-निवारक तकनीक, मैनुअल मोबिलाइज़ेशन और कम दबाव वाले व्यायाम कराती हैं, ताकि जोड़ों के आसपास की मांसपेशियाँ मज़बूत हों और जोड़ों पर भार कम पड़े।

आम लक्षण
- सुबह 15 से 60 मिनट तक जोड़ों में जकड़न
- घुटने, कूल्हे, कंधे, कलाई या उंगलियों में दर्द और सूजन
- नीची कुर्सी से उठने या सीढ़ी चढ़ने में तकलीफ़
- आराम के बाद या सर्दियों में अकड़न बढ़ना
- चलने में थकान और जोड़ों पर वज़न डालने का डर
आम कारण
- घुटने, कूल्हे या रीढ़ का ऑस्टियोआर्थराइटिस (कार्टिलेज घिसाव)
- रूमेटॉइड या अन्य सूजन वाला गठिया
- जोड़ों को सहारा देने वाली मांसपेशियों की कमज़ोरी
- पुरानी चोट या फ्रैक्चर
- लंबे समय तक गतिविधि बंद रहने से जोड़ जाम होना
हम इलाज कैसे करते हैं
- 1.हर जोड़ की हलचल, सूजन और ताक़त की जाँच
- 2.इलेक्ट्रोथेरेपी (IFT/TENS) से सुरक्षित दर्द राहत
- 3.बिना सूजन बढ़ाए हल्की मैनुअल मोबिलाइज़ेशन
- 4.बैंड और हल्के वज़न से मांसपेशियों को धीरे-धीरे मज़बूत करना
- 5.सीढ़ियों, रसोई के काम और जूतों के लिए जोड़ों की सुरक्षा सलाह
इलाज डॉ. अंजलि गुप्ता (PT), महिला फिजियोथेरेपिस्ट (BPT (BU Rajasthan)), ख़ुद करती हैं। वे ड्राई नीडलिंग, कपिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग में प्रमाणित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रूमेटॉइड आर्थराइटिस में फिजियोथेरेपी करवा सकते हैं?
हाँ, आपके डॉक्टर की दवाइयों के साथ। जब जोड़ में तेज़ सूजन हो तब हल्की हलचल और दर्द राहत दी जाती है, और सूजन कम होने पर धीरे-धीरे मज़बूती के व्यायाम कराए जाते हैं।
क्या व्यायाम करने से गठिया वाले जोड़ और घिसेंगे?
नहीं। सही मात्रा में किया गया हल्का व्यायाम कार्टिलेज को पोषण देता है और मांसपेशियों को मज़बूत करके जोड़ का दबाव घटाता है।
MuvAgain में गठिया फिजियोथेरेपी की फ़ीस कितनी है?
पहला सेशन (जाँच और इलाज) ₹500 है और आगे के सेशन ₹300 से शुरू होते हैं। 15 और 30 दिन के पैकेज पर छूट उपलब्ध है। पूरी जानकारी फ़ीस पेज पर देखें।