लगातार फ़ोन चलाना, लैपटॉप पर काम, ग़लत तकिया और तनाव, इनकी वजह से गर्दन दर्द अब छात्रों और युवाओं में भी बहुत आम है। सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, यानी उम्र के साथ गर्दन के जोड़ों का घिसाव, जकड़न लाता है और कभी-कभी दर्द या झनझनाहट कंधों और हाथों तक जाती है।
हमारे इलाज में हाथों से की जाने वाली थेरेपी से जकड़ी मांसपेशियों को ढीला किया जाता है, और ऐसे व्यायाम कराए जाते हैं जो गर्दन की गहरी मांसपेशियों को मज़बूत करें और सिर आगे झुकाकर बैठने की आदत को सुधारें।

आम लक्षण
- गर्दन में जकड़न और घुमाने में दिक़्क़त
- कंधों के बीच दर्द
- गर्दन के पीछे से शुरू होने वाला सिरदर्द
- हाथों में झनझनाहट या भारीपन
- देर तक फ़ोन या लैपटॉप चलाने के बाद दर्द
आम कारण
- सिर आगे झुकाकर बैठना ('टेक-नेक')
- सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस
- तकिये की ग़लत ऊँचाई या सोने का ग़लत तरीक़ा
- तनाव से मांसपेशियों में खिंचाव
- अचानक झटका लगना
हम इलाज कैसे करते हैं
- 1.पोस्चर और नसों की जाँच
- 2.गर्दन और ऊपरी पीठ के ट्रिगर पॉइंट के लिए ड्राई नीडलिंग / कपिंग
- 3.हल्की मोबिलाइज़ेशन और सॉफ़्ट-टिश्यू रिलीज़
- 4.ज़रूरत होने पर सर्वाइकल ट्रैक्शन, ताकि नसों पर दबाव कम हो
- 5.गर्दन और कंधे की मांसपेशियों को मज़बूत करने के व्यायाम
- 6.काम की जगह, तकिये और फ़ोन इस्तेमाल की सलाह
इलाज डॉ. अंजलि गुप्ता (PT), महिला फिजियोथेरेपिस्ट (BPT (BU Rajasthan)), ख़ुद करती हैं। वे ड्राई नीडलिंग, कपिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग में प्रमाणित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फिजियोथेरेपी से सर्वाइकल ठीक हो सकता है?
स्पॉन्डिलोसिस घिसाव वाला बदलाव है जो पूरी तरह उलटा नहीं होता, लेकिन फिजियोथेरेपी दर्द और जकड़न कम करने, गर्दन की हलचल सुधारने और दर्द दोबारा उभरने से रोकने में बहुत असरदार है।
गर्दन दर्द में कौन-सा तकिया सही है?
ऐसा तकिया जो गर्दन को रीढ़ की सीध में रखे: न बहुत ऊँचा, न बहुत चपटा। आप पीठ के बल सोते हैं या करवट, उसके हिसाब से हम सलाह देते हैं।
क्या सर्वाइकल ट्रैक्शन सुरक्षित है?
हाँ, जब जाँच के बाद इसे चुना जाए। ट्रैक्शन गर्दन को हल्का खींचकर दबे जोड़ों और नसों का दबाव कम करता है, और खिंचाव कम से शुरू करके धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है। हाल की चोट या गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों में इसका उपयोग नहीं होता, इसलिए पहले जाँच ज़रूरी है।
क्या सर्वाइकल कॉलर पहनना ज़रूरी है?
सिर्फ़ कुछ ख़ास मामलों में और थोड़े समय के लिए। लंबे समय तक कॉलर पहनने से गर्दन की मांसपेशियाँ कमज़ोर हो सकती हैं।