चाहे आप क्रिकेट, फ़ुटबॉल या बैडमिंटन खेलते हों, दौड़ते हों या जिम जाते हों, चोट आपको अचानक रोक सकती है। सही रिहैबिलिटेशन से चोट जल्दी ठीक होती है और उतना ही ज़रूरी, दोबारा चोट लगने का ख़तरा कम होता है।
डॉ. अंजलि गुप्ता ड्राई नीडलिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग जैसी स्पोर्ट्स फिजियो तकनीकों के साथ आपके खेल के हिसाब से धीरे-धीरे बढ़ती ताक़त, संतुलन और फुर्ती की ट्रेनिंग कराती हैं।

आम लक्षण
- मुड़ने या गिरने के बाद सूजन और दर्द
- दौड़ते या वज़न उठाते समय मांसपेशी में खिंचाव
- हर बार खेलने पर लौटने वाला दर्द
- जोड़ में ढीलापन या अस्थिरता
- पुरानी चोट के बाद खेल में कमज़ोर प्रदर्शन
आम कारण
- टखने और घुटने के लिगामेंट में मोच
- जांघ, पिंडली और कमर के पास मांसपेशियों में खिंचाव
- टेंडन की समस्या (टेनिस एल्बो, जम्पर्स नी)
- ज़्यादा ट्रेनिंग और ठीक से वॉर्म-अप न करना
- मांसपेशियों का असंतुलन और ग़लत तकनीक
हम इलाज कैसे करते हैं
- 1.चोट की जाँच और ग्रेडिंग
- 2.शुरुआत में दर्द और सूजन का प्रबंधन
- 3.जल्दी ठीक होने के लिए ड्राई नीडलिंग, IASTM और टेपिंग
- 4.ताक़त, संतुलन और शरीर के नियंत्रण की ट्रेनिंग
- 5.खेल के हिसाब से ड्रिल और खेल में लौटने से पहले टेस्ट
इलाज डॉ. अंजलि गुप्ता (PT), महिला फिजियोथेरेपिस्ट (BPT (BU Rajasthan)), ख़ुद करती हैं। वे ड्राई नीडलिंग, कपिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग में प्रमाणित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खेल की चोट के बाद फिजियोथेरेपी कब शुरू करें?
जितनी जल्दी हो सके। शुरुआत में सही तरीक़े से हलचल और सूजन पर नियंत्रण से आमतौर पर रिकवरी जल्दी और बेहतर होती है।
क्या काइनेसियो टेप लगाकर चोट के साथ खेल सकते हैं?
टेपिंग मांसपेशियों और जोड़ों को सहारा देती है, लेकिन चोट के ठीक होने की जगह नहीं लेती। खेल में कब लौटना सुरक्षित है, यह हम बताएँगे।
क्या आप जिम की चोट का इलाज करते हैं?
हाँ, वेट ट्रेनिंग से कंधे, कमर, घुटने और मांसपेशियों में खिंचाव का इलाज आम है।