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पटना में IASTM थेरेपी

ख़ास स्टील के औज़ारों से मांसपेशियों, टेंडन और फ़ेशिया की जकड़न और पुराने निशान का इलाज।

IASTM थेरेपी क्या है?

IASTM (इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ़्ट टिश्यू मोबिलाइज़ेशन) में चिकने किनारे वाले, ख़ास तौर पर बने स्टेनलेस स्टील के औज़ारों से मांसपेशियों, टेंडन और फ़ेशिया का इलाज होता है। इन औज़ारों से जकड़न और निशान वाली जगह को सिर्फ़ हाथों के मुक़ाबले ज़्यादा सटीक ढंग से पहचाना और ठीक किया जा सकता है।

डॉ. अंजलि गुप्ता IASTM में सर्टिफ़ाइड हैं। यह ख़ासकर टेंडन की समस्याओं और पुरानी जकड़न में मददगार है, और इसके बाद हमेशा स्ट्रेचिंग और मज़बूती के व्यायाम कराए जाते हैं।

फ़ायदे

  • निशान वाले टिश्यू और चिपकाव को तोड़ना
  • लचीलापन और जोड़ों की हलचल बेहतर करना
  • टेंडन का दर्द कम करना
  • शरीर की ठीक होने की प्रक्रिया को बढ़ावा
  • ज़िद्दी जकड़न में कम समय में असर

किन समस्याओं में मदद करती है

सेशन में क्या होता है

  1. 1.जकड़ी या दर्द वाली जगह की जाँच
  2. 2.त्वचा पर लोशन लगाना
  3. 3.नियंत्रित दबाव के साथ औज़ार को टिश्यू पर चलाना
  4. 4.हल्की लालिमा सामान्य है
  5. 5.फ़ायदा बनाए रखने के लिए बाद में व्यायाम

सावधानी: खुले घाव, ठीक हो रहे फ्रैक्चर, सक्रिय संक्रमण या नसों की कुछ बीमारियों वाली जगह पर IASTM नहीं किया जाता।

इलाज डॉ. अंजलि गुप्ता (PT), महिला फिजियोथेरेपिस्ट (BPT (BU Rajasthan)), ख़ुद करती हैं। वे ड्राई नीडलिंग, कपिंग, IASTM और काइनेसियो टेपिंग में प्रमाणित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या IASTM में दर्द होता है?

दबाव और खुरचने जैसा एहसास होता है; यह सहने लायक रहना चाहिए। दबाव आपके आराम के हिसाब से रखा जाता है।

क्या IASTM और गुआ शा एक ही हैं?

दोनों में त्वचा पर औज़ार चलते हैं, लेकिन IASTM आधुनिक सॉफ़्ट-टिश्यू विज्ञान पर आधारित फिजियोथेरेपी तकनीक है और व्यायाम के साथ इस्तेमाल होती है।

क्या ऑपरेशन के पुराने निशान में IASTM से मदद मिलती है?

हाँ, निशान पूरी तरह भर जाने के बाद IASTM से उसकी हलचल बेहतर हो सकती है।

डॉ. अंजलि गुप्ता से जाँच करवाएँ

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